Subhas Chandra Bose jayanti: 23 जनवरी को स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर पराक्रम दिवस मनाता है. राष्ट्र उनकी अटूट भावना और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करता है. प्रभावती और जानकीनाथ बोस के घर जन्में नेताजी साहस और नेतृत्व के प्रतीक बने हुए हैं.

नेताजी के दृढ़ संकल्प के कारण आजाद हिंद फौज की हुई स्थापना
स्वामी विवेकानन्द की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए नेताजी के दृढ़ संकल्प के कारण आजाद हिंद फौज की स्थापना हुई, जो भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराने के लिए समर्पित एक सैन्य बल था. महिला सशक्तिकरण की ताकत को स्वीकार करते हुए उन्होंने निडर महिला सेनानियों की एक बटालियन, रानी झांसी रेजिमेंट का गठन किया. यह नेताजी के नेतृत्व में ही था कि महात्मा गांधी को पहली बार “राष्ट्रपिता” की उपाधि से सम्मानित किया गया था.
इस ऐतिहासिक सुभाष चंद्र बोस जयंती पर, आइए हम न केवल नेताजी की बहादुरी और बलिदान पर विचार करें, बल्कि अपने प्रियजनों के साथ उनकी प्रेरक विरासत को भी साझा करें. नेताजी की स्मृति का सम्मान करने और अपने परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों और साथी नागरिकों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए इन हार्दिक शुभकामनाएं, छवियों और उद्धरणों का उपयोग करें.
Greetings to the people of India on Parakram Diwas. Today on his Jayanti, we honour the life and courage of Netaji Subhas Chandra Bose. His unwavering dedication to our nation’s freedom continues to inspire. pic.twitter.com/OZP6cJBgeC
— Narendra Modi (@narendramodi) January 23, 2024
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पराक्रम दिवस पर भारत के लोगों को शुभकामनाएं. आज उनकी जयंती पर हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन और साहस का सम्मान करते हैं. हमारे देश की आजादी के प्रति उनका अटूट समर्पण प्रेरणा देता रहता है.
स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, ‘आजाद हिन्द फौज’ के नेतृत्वकर्ता, ‘नेताजी’ सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
‘पराक्रम दिवस’ पर राष्ट्रनायक, श्रद्धेय ‘नेताजी’ की स्मृतियों को नमन! pic.twitter.com/tG2bgbPhFO
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 23, 2024
सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट किया है कि स्वतंत्रता संग्राम के महानायक, ‘आजाद हिन्द फौज’ के नेतृत्वकर्ता, ‘नेताजी’ सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! ‘पराक्रम दिवस’ पर राष्ट्रनायक, श्रद्धेय ‘नेताजी’ की स्मृतियों को नमन!
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रेरणादायक नारे
- तुम मुझे खून दो और मैं तुम्हें आजादी दूंगा!” उनकी सबसे उद्धृत पंक्तियों में से एक उस भाषण से है जो बोस ने भारतीय राष्ट्रीय सेना के सैनिकों को दिया था, जिसकी कमान उन्होंने मोहन सिंह के साथ संभाली थी.
- जब हम खड़े होंगे तो आजाद हिंद फौज को ग्रेनाइट की दीवार की तरह होना होगा; जब हम मार्च करते हैं, तो आज़ाद हिंद फ़ौज को एक स्टीमर की तरह होना पड़ता है.
- आज हमारी केवल एक इच्छा होनी चाहिए – मरने की इच्छा ताकि भारत जीवित रह सके – एक शहीद की मृत्यु का सामना करने की इच्छा, ताकि स्वतंत्रता का मार्ग शहीद के खून से प्रशस्त हो सके.
- केवल निर्विवाद राष्ट्रवाद और पूर्ण न्याय और निष्पक्षता के आधार पर ही भारतीय मुक्ति सेना का निर्माण किया जा सकता है.
- एक व्यक्ति किसी विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार उसकी मृत्यु के बाद हजारों लोगों के जीवन में अवतरित होगा.
- आजादी दी नहीं जाती – ली जाती है
- जो सैनिक हमेशा अपने राष्ट्र के प्रति वफादार रहते हैं, जो हमेशा अपने जीवन का बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं, वे अजेय होते हैं.
- भारत बुला रहा है. खून खून को बुला रहा है. उठो, हमारे पास खोने के लिए समय नहीं है. अपने हथियार उठाओ! हम दुश्मन की कतारों के बीच अपना रास्ता बना लेंगे, या अगर भगवान ने चाहा, तो हम शहीद की मौत मरेंगे. और अपनी आखिरी नींद में हम उस सड़क को चूमेंगे जो हमारी सेना को दिल्ली लाएगी.
- इतिहास में कोई भी वास्तविक परिवर्तन चर्चाओं से कभी हासिल नहीं हुआ है.